Total Pageviews

Followers

Monday, July 4, 2016

स्वामी विवेकानंद जी की ११४ वीं पुण्यतिथि


स्वामी विवेकानन्द (जन्म: १२ जनवरी,१८६३ - मृत्यु: ४ जुलाई,१९०२)
"हम ऐसी शिक्षा चाहते हैं जिससे चरित्र निर्माण हो। मानसिक शक्ति का विकास हो। ज्ञान का विस्तार हो और जिससे हम खुद के पैरों पर खड़े होने में सक्षम बन जाएं।"
- स्वामी विवेकानंद जी
स्वामी विवेकानंद जी को उनकी ११४ वीं पुण्यतिथि पर शत शत नमन ।

Saturday, May 7, 2016

सरदारजी का बुढ़ापा

प्रभु किसी का बुढ़ापा इतना खराब न हो जितना सरदारजी का हुआ...इस भयंकर दुपरिया में मजदूरी कर रहे हैं,बिना मनरेगा के...!!

Friday, January 15, 2016

नहीं रहे राजेश विवेक

किसी विदेशी अभिनेता के निधन पर श्रद्धांजलि की बाढ़ से सोशल मीडिया को बहा देने वाले अधिकांश भारतीय शायद यह भी नहीं जान पाये कि कल देर शाम भारत ने अपना एक बेहतरीन अभिनेता खो दिया |


स्व॰ श्री राजेश विवेक जी को हमारी विनम्र श्रद्धांजलि और शत शत नमन |

Sunday, December 13, 2015

संसद हमले की १४वीं बरसी

आज १३ दिसम्बर है ... आज संसद हमले की १४वीं बरसी है. आज ही के दिन साल 2001 में आतंकियों ने संसद पर हमला किया था. इस हमले में सुरक्षा बलों ने पांच आतंकियों को मार गिराया था. जबकि दिल्ली पुलिस के छे जवानों सहित 9 लोग शहीद हुए थे. जब आतंकियों ने हमला किया तब संसद का शीतकालीन सत्र चल रहा था.

सभी शहीदों को हमारा शत शत नमन।

Friday, December 11, 2015

१०० वीं पोस्ट - भारत रत्न पंडित रविशंकर जी की तृतीय पुण्यतिथि

पंडित रविशंकर ( April 7, 1920 - December 11, 2012 )
तृतीय पुण्यतिथि पर भारत रत्न पंडित रविशंकर जी को विनम्र श्रद्धांजलि और शत शत नमन !

Tuesday, October 13, 2015

नवरात्री पर्व की हार्दिक शुभकामनायें

मेरी भतीजी नंदनी
"या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरुपेण संस्थिता ।
नमस्तयै नमस्तयै नमस्तयै नमो नमः ॥"

Saturday, July 4, 2015

अमर शहीद भगवती चरण वोहरा जी की १११ वीं जयंती

भगवती चरण वोहरा (4 जुलाई, 1904 - 28 मई, 1930) भारत के स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी थे। वे हिन्दुस्तान प्रजातांत्रिक सोशलिस्ट पार्टी के सदस्य और सरदार भगत सिंह के साथ ही एक प्रमुख सिद्धांतकार होते हुए भी गिरफ्तार नही किए जा सके और न ही वे फांसी पर चढ़े। उनकी मृत्यु बम परिक्षण के दौरान दुर्घटना में हुई। भगवती चरण की शिक्षा-दीक्षा लाहौर में हुई। उनका विवाह भी कम उम्र में कर दिया गया। पत्नी का नाम दुर्गा था। बाद के दौर में उनकी पत्नी भी क्रांतिकारी कार्यो की सक्रिय सहयोगी बनी। उन को क्रान्तिकारियो द्वारा दिया गया " दुर्गा भाभी " सन्बोधन एक आम सन्बोधन बन गया।
आज अमर शहीद भगवती चरण वोहरा जी की १११ वीं जयंती के अवसर पर हम सब उनको शत शत नमन करते है ! 
इंकलाब ज़िंदाबाद !!!